Thursday, February 23, 2023

What is the importance in Vastu Shastra of direction

भारत में वास्तु शास्त्र की बहुत ही ज्यादा मान्यता है प्राचीन भारत से ही वास्तु को एक विज्ञान की तरह देखा गया है जिसके अंतर्गत हर दिशा अपने हिसाब से अपनी महत्वता दर्शाती है, इसके अनुसार घर बनाते समय या उसमें बदलाव करते समय दिशाओं का ध्यान रखना आवश्यक होता है वास्तु शास्त्र के अनुसार जीवन के लिए प्रत्येक दिशा विशेष महत्व रखती है, वास्तु शास्त्र के अनुसार दिशाओं और उनके फल इस प्रकार हैं नंबर 1 पूर्व यानी कि इस दिशा को सूर्य की दिशा माना जाता है इस दिशा में प्रवेश करने से समृद्धि एवं स्वास्थ्य उत्तम जीवन का स्तर प्राप्त होता है भारतीय वास्तु शास्त्र में इसकी बहुत ही ज्यादा महत्वता है हिंदू धर्म के लोग सूर्य को पूछते हैं इसी कारण सूर्य की दिशा जहां से सूर्य पैदा होता है उसे शुभ माना जाता है अगर आप पूरब मुखी मकान बनाते हैं तो वह आपके लिए बहुत ही शुभ माना जाता है मगर उसके लिए आपको कुछ चीजों का और ध्यान रखना होगा जैसे कि किचन कहां हो किचन में चूल्हा कहां पर हो बाथरूम की दिशाएं आदि सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए मकान बनाना अच्छा माना गया है नंबर 2 पश्चिम दिशा इस दिशा को भौतिक सुखों की दिशा भी कहा जाता है इस दिशा में रहने वाले लोगों को धन की प्राप्ति होती है, पश्चिम दिशा में रहने से स्वास्थ्य बना रहता है इस दिशा में रहने वाले लोग निरोगी रहते हैं उनका शरीर का स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहता है सफलता के लिहाज से भी पश्चिम दिशा को बहुत ही अच्छा माना गया है उत्तम नींद भी आती है पश्चिम दिशा में रहने से लोग अधिक आराम एवं नींद ले पाते हैं सुख और समृद्धि पश्चिम दिशा में गर्भ में रहने वाले लोगों को सुख एवं समृद्धि मिलती है ऐसा वास्तु शास्त्र में माना गया है नंबर 3 उत्तर दिशा इस दिशा को धन का स्थान माना जाता है इस दिशा में रहने से धन स्थान विदेश जाने के अवसर और अन्य सुख प्राप्त होते हैं यह दिशा भी पूर्व की तरह बहुत ही अच्छी मानी जाती है यह मान्यता है कि उत्तर मुखी मकान बनाने पर एवं उसके नियम को अपनाने पर अच्छे धन एवं अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है लेकिन कुछ बातों का इसमें भी ध्यान रखना होगा जैसे बाथरूम का डायरेक्शन सोने का डायरेक्शन कि आप कहां पर अपने बेडरूम में सो रहे हैं छोटी-छोटी चीजें अगर आप वास्तु के हिसाब से नए मकान में बनाते हैं तो वह आपको बहुत ही फायदेमंद होती है नंबर 4 दक्षिण दिशा किस दिशा को यम की दिशा भी कहा जाता है इस दिशा में रहने से घमंड दुख और संकट नुकसान होता है ऐसा भारतीय वास्तुशास्त्र में माना गया हैयद्यपि यह दिशा आपके कार्यस्थल या दुकान या फैक्ट्री के लिए अच्छी मानी जाती है अगर आप दक्षिणमुखी दुकान या आपकी फैक्ट्री या व्यवसाय के लिए स्थान लेते हैं तो उसमें कुछ बदलाव करके आप अपने हिसाब से अच्छा धन और अच्छी संपत्ति पा सकते हैं

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